मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार एक्ट -Takeknowledge

मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार 1916 तक भारत और बिटेनलगभग सारे महत्वपर्ण राजनैतिक दल यह साचन लग थ कि सरकार की संरचना में काज परिवर्तन आवश्यक है। इस समय तक भारतीयो की आकांक्षाएं भी बढ़ चुकी थीं। विश्व युद्ध के दौरान भारत में राजनैतिक दबाव के कारण तथा भारतीय सहयोग को जीतने की इच्छा के परिणामस्वरूप, ब्रिटिश सरकार ने भारत में मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार की शुरुआत की। मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार की ओर ले जाने वाली परिस्थितियाँ मोर्ले और मिन्टो शायद ही यह कल्पना कर सकते थे कि जिन संवैधानिक सधारों को, उन्होंने विभिन्न स्तरों पर साढ़े तीन साल के श्रमसाध्य विचार विमर्श के उपरान्त साकार रूप दिया था. वे सात वर्ष के उपरान्त ही किसी को भी संतष्ट करने में असफल सिद्ध होंगे। सन् 1916 तक भारत के सभी राजनैतिक दलों ने, यहाँ तक कि ब्रिटेन के भी सभी राजनैतिक दलों ने यह महसूस कर लिया कि भारत सरकार की संरचना में कुछ परिवर्तन आवश्यक है। यह मख्यतः, अगस्त 1914 में विश्व युद्ध छिड़ने से उत्पन्न परिस्थितियों का परिणाम था। युद्ध से भारत की...